“यूपी पुलिस की बड़ी सफलता पकड़ा पूरे 342 रुपये का सट्टा”

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यूपी पुलिस के बारे में एक खबर पढ़ी,जिसका स्क्रीन शॉट संलग्न है,वास्तव में हमारे देश के ज्यादातर विभाग इसी तर्ज पर काम करते हैं,एक उदाहरण के रूप में इसे हम समझें तो जैसे कोई पाईप लाइन हो जिससे पानी की सप्लाई होती हो और उसमें बहुत सारे अलग अलग छोटे बड़े साइज के छिद्र हों,जिनको बंद करने की जिम्मेदारी अलग अलग विभागों की हो,उन छिद्रों को बंद करने जब हमारे देश के विभाग निकलते हैं तो वो छिद्र जो बड़े आकार के होते हैं और जिन छिद्रों को बंद करने से देश का वास्तव में कुछ भला हो सकता है उन छिद्रों को बंद करने का साहस हमारे देश के विभाग नहीं कर पाते क्योंकि उसमें से इतने प्रेशर के साथ पानी लीक हो रहा होता है कि उस राजनीतिक,आर्थिक या अन्य जो भी प्रेशर उसपर काम कर रहा होता है उस प्रेशर को झेलकर उस छिद्र को बंद करने की हिम्मत और साहस हमारे देश के विभागों के अधिकारियों कर्मचारियों के अंदर नहीं होती,वहीं जो पिन के बराबर छोटे छोटे छिद्र होते हैं और जिनमें किसी भी प्रकार का कोई प्रेशर नहीं होता है, और जो कोई बहुत बड़ा नुकसान भी देश को नहीं पहुंचा रहें होते हैं उन छिद्रों को ये विभाग अपनी प्राथमिकता में लेकर उन्हें बंद करते हैं, और उस छिद्र के लिए जिम्मेदार अपराधियों पर जितनी अधिक कड़ी कार्यवाही हो सकती है उतनी कड़ी कार्यवाही करते हैं और खुद को मिलने वाले वेतन की सार्थकता सिद्ध कर खुद ही अपनी पीठ थपथपा लेते हैं, हालांकि इन छोटे छोटे छिद्रों को बंद नहीं किया जाना चाहिए या फिर ये देश को बिल्कुल भी नुकसान नहीं पहुंचाते हैं मैं ऐसा बिल्कुल भी नहीं कह रहा,लेकिन मेरा ये मानना है कि अगर बड़े बड़े छिद्रों को ऐसे ही छोड़ दिया जाए और उनमें से पानी की चोरी होती ही रहे तो चाहे जितने भी ये छोटे छोटे छिद्र बंद कर लिए जाएं उससे देश को कोई फायदा नहीं पहुंचने वाला है क्योंकि सारा पानी तो उन बड़े छिद्रों के माध्यम से निकल ही जाना है और इसलिए उस पाइपलाइन से पानी जहां पर जिस प्रेशर के साथ वास्तव में पहुंचना चाहिए उस जगह तक कभी भी नहीं पहुंच सकता,अगर वाकई हमारे देश के विभाग अपनी सार्थकता सिद्ध करते हुए देश का भला करना चाहते हैं तो उन्हें सबसे पहले बिना किसी राजनीतिक, आर्थिक या अन्य किसी प्रेशर में आये बड़े छिद्रों को बंद करने का साहस दिखाना होगा, और अगर बड़े छिद्र बंद हो जाएंगे तो ये जो पिन के बराबर के छोटे छोटे छिद्र हैं ये और भी स्पष्ट रूप से नजर आने लगेंगे जिससे इनको बंद करना और भी आसान हो जाएगा, वरना बड़े छिद्रों को ऐसे ही खुला छोड़कर छोटे छोटे छिद्रों को कितना भी बंद कर लें उनसे देश को कोई भी फायदा नहीं पहुंचने वाला है और इसे सिर्फ खानापूर्ति ही माना जा सकता है,बहरहाल यूपी पुलिस को इस अवार्ड विनिंग परफॉर्मेंस के लिए बहुत बहुत शाबासी कि उन्होंने पूरे 342 रुपये का सट्टा देश हित में पकड़ा है और 342 रुपये जब्त भी किये हैं..!!

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